वैदिक उपाय (घर की रक्षा हेतु) गायत्री मंत्र का जप प्रतिदिन प्रातः और सायं घर में गायत्री मंत्र का 108 बार जप करें। इससे घर का वातावरण शुद्ध और पवित्र रहता है। ऋग्वेद का अग्नि सूक्त अग्नि देव को पवित्रता और सुरक्षा का देवता माना गया है। अग्नि सूक्त का पाठ करने से घर में कोई भी नकारात्मक शक्ति प्रवेश नहीं कर पाती। अथर्ववेद के रक्षा सूक्त अथर्ववेद में "रक्षा मंत्र" और "भूत-प्रेत नाशक सूक्त" हैं। इनका नियमित पाठ करने से तंत्र-मंत्र का असर निष्फल हो जाता है। हनुमान चालीसा और सुंदरकांड पाठ हनुमानजी को तंत्र-मंत्र, भूत-प्रेत और नकारात्मक शक्तियों से रक्षक माना गया है। मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ घर के सभी द्वारों पर करें। शंख और घंटी ध्वनि प्राचीन वेदों में ध्वनि-शक्ति को बहुत महत्व दिया गया है। प्रातः-सायं शंख और घंटी बजाने से घर का वातावरण पवित्र हो जाता है और नकारात्मक शक्तियाँ प्रवेश नहीं कर पातीं। गंगाजल छिड़काव अथर्ववेद में गंगा के जल को पवित्रता और नकारात्मक ऊर्जा निवारण का कारक माना गया है।...